मुजफ्फरनगर में शनिवार देर शाम कांग्रेस की ‘किसान नौजवान बचाओ यात्रा’ को कंपनी बाग क्षेत्र में रोक दिया गया। यह यात्रा सहारनपुर से शुरू होकर 21 दिनों में मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और दिल्ली होते हुए लखनऊ तक पहुंचने वाली थी, लेकिन मुजफ्फरनगर में इसे आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली।

यात्रा रोके जाने के बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
प्रशासन का कहना है कि इस यात्रा के लिए पहले से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसी कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसे रोकने का निर्णय लिया गया।
वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यह एक शांतिपूर्ण यात्रा थी, जिसे बिना वजह रोका गया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल बढ़ाया गया और आसपास के तीन थानों की टीम मौके पर तैनात की गई। कुछ देर तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी रही, जिसे बाद में नियंत्रित किया गया।
प्रदर्शन के चलते कंपनी बाग और आसपास के इलाकों में यातायात और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कुछ देर तक क्षेत्र में पुलिस की तैनाती रही, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है।