हरियाणा पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत और 12 अन्य लोगों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-144 का उल्लंघन करने के लिए मुकदमा दर्ज किया है। टिकैत समेत इन लोगों ने हरियाणा के एक गांव में महापंचायत का आयोजन किया था। मालूम हो कि किसान नेता पिछले कई महीनों से केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
राकेश टिकैत अन्य किसान नेताओं के साथ लगातार महापंचायतों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को अंबाला के पास धारुली गांव में आयोजित की गई किसान मजदूर महापंचायत को संबोधित किया था। टिकैत के अलावा, रतन मान सिंह, बलदेव सिंह और जसमेर सैनी समेत 12 किसान नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से जिला मजिस्ट्रेट ने इलाके में धारा-144 लागू कर दी थी, जिसके तहत चार से ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठा नहीं हो सकते हैं।
पुलिस ने बताया कि एएसआई चांदी सिंह ने बीकेयू नेताओं को पहले ही महापंचायत का आयोजन नहीं करने की चेतावनी दी थी। पुलिस ने कहा था कि जिले में धारा-144 लागू है, इसलिए महापंचायत आयोजित नहीं की जाए। हालांकि, बीकेयू नेता वहां गए और उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया। शिकायत के आधार पर इन किसान नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिसमें राकेश टिकैत का नाम भी शामिल है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''उन्होंने धारा-144 के तहत आदेशों का उल्लंघन किया और साथ ही लोकसेवक (जिला मजिस्ट्रेट) द्वारा आईपीसी की धारा-188 के तहत विधिवत आदेशों को भी नहीं माना है। एफआईआर में आईपीसी की धारा- 269 (लापरवाह अधिनियम) भी शामिल है। महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा था कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, तब तक केंद्र सरकार तीनों नए कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती है। साथ ही टिकैत ने कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला था।