इंजीनियर शंपा पाठक को तेज रफ्तार कार से कुचलने के मामले में गिरफ्तार पिता-पुत्र को रविवार को पुलिस घटनास्थल पर लेकर पहुंची। जैसे ही पुलिस दोनों आरोपियों को लसूड़िया क्षेत्र की शिव वाटिका टाउनशिप में लेकर पहुंची, वहां मौजूद लोगों ने जोरदार विरोध करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया।

पहचान कराने के लिए घटनास्थल लाई गई पुलिस टीम

रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेशी से पहले पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर लाकर चश्मदीद चौकीदार और अन्य स्थानीय लोगों से पहचान करवाने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के साथ पहुंचे आरोपी मोहनीश उर्फ मोहित चौधरी और उसके पिता कुलदीप चौधरी को देखते ही वहां मौजूद रहवासियों का आक्रोश बढ़ गया। कई लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।

भीड़ के गुस्से के बीच पुलिस ने संभाली स्थिति

लसूड़िया थाना प्रभारी टीआई तारेश सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पार्किंग विवाद से जुड़े स्थान के बारे में आरोपियों से पूछताछ भी की। इस दौरान बिल्डिंग परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीड़ का आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए पहचान की प्रक्रिया जल्दी पूरी की और दोनों आरोपियों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया।

कोर्ट में पेश किए गए आरोपी

घटनास्थल से वापस लाने के बाद पुलिस आरोपियों को अदालत लेकर पहुंची। थाना प्रभारी के अनुसार, दोनों आरोपियों की दो दिन की रिमांड रविवार को समाप्त हो गई, जिसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में अधिकांश अहम सबूत जुटा लिए गए हैं, हालांकि कुछ अन्य गवाहों के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं।

आरोपियों की संपत्ति पर भी कार्रवाई की तैयारी

इस मामले के बाद आरोपियों की संपत्ति पर भी कार्रवाई की संभावना बन गई है। शनिवार को नगर निगम की टीम शिव वाटिका पहुंची और वहां मौजूद दोनों पेंटहाउस पर नोटिस चस्पा किए। निगम अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को 7 दिन के भीतर जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो निर्माण को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।