गुरुग्राम में बृहस्पतिवार सुबह सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उस समय प्रभावित हो गई जब गुरुग्राम महानगर सिटी बस सेवा (GMCBL) के सेक्टर-52 डिपो से जुड़े सैकड़ों चालक और परिचालक हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, वर्दी भत्ता और अन्य सुविधाओं की लंबित मांगों को लेकर काम रोक दिया, जिससे शहर में बस सेवाएं बुरी तरह बाधित हो गईं।

सुबह करीब 5 बजे से शुरू हुई इस हड़ताल का असर तुरंत दिखाई दिया और सेक्टर-52 डिपो से संचालित 100 से अधिक बसें अपने रूटों पर नहीं निकल सकीं। नतीजतन, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

शहर में GMCBL की बस सेवाएं दो प्रमुख डिपो—सेक्टर-52 और सेक्टर-10—से संचालित होती हैं, लेकिन हड़ताल सिर्फ सेक्टर-52 डिपो के कर्मचारियों द्वारा की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

सुबह के समय यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
गुरुग्राम में लगभग 150 लो-फ्लोर सीएनजी बसें 30 से अधिक रूटों पर चलती हैं, जिनमें अधिकांश संचालन सेक्टर-52 डिपो से होता है। हड़ताल के चलते यात्रियों को बसें नहीं मिलीं, जिससे लोग ऑटो और कैब पर निर्भर हो गए। कई बस स्टॉप पर यात्री लंबे समय तक बसों का इंतजार करते नजर आए।

यात्रियों ने कहा कि सिटी बस सेवा शहर की सबसे किफायती परिवहन सुविधा है, लेकिन अचानक सेवाएं बंद होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई और अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया।

डिपो में विरोध, बसें रहीं खड़ी
कर्मचारी सुबह डिपो पहुंचे, लेकिन उन्होंने बसों को रूट पर ले जाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद डिपो परिसर में इकट्ठा होकर उन्होंने प्रदर्शन किया और मांगों को पूरा करने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

प्रशासन की बातचीत शुरू
इस बीच, बस सेवा से जुड़े अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मांगों पर विचार किया जा रहा है और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है ताकि शहर की परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सके। फिलहाल यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।