गुरुग्राम में गैस आपूर्ति को लेकर संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका असर उद्योगों के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत के तौर पर 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर की व्यवस्था की है, जो केवल श्रमिक वर्ग के लिए उपलब्ध होंगे।

इन सिलिंडरों की रिफिलिंग अब 9 दिन के अंतराल पर की जाएगी, जबकि इन्हें प्राप्त करने के लिए गैस एजेंसी पर आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।

🏭 उद्योगों और श्रमिकों पर असर

प्रशासन का कहना है कि इस कदम से छोटे और मध्यम उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को कुछ राहत मिलेगी। हालांकि जमीनी हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं और कई जगहों पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सुखराली क्षेत्र में काम करने वाले बिहार निवासी सावन सिंह ने बताया कि उन्हें गैस एजेंसी से छोटा सिलिंडर नहीं मिला, क्योंकि उन्हें बताया गया कि यह सुविधा केवल जरूरतमंद श्रमिकों के लिए सीमित है।

📉 छोटे उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित

गैस आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है, जिसके चलते कई छोटे और मध्यम उद्योगों को अपनी उत्पादन क्षमता घटानी पड़ रही है। इन इकाइयों पर सबसे ज्यादा दबाव देखा जा रहा है।

⏳ बुकिंग के बाद भी लंबा इंतजार

हालात ऐसे हैं कि सिलिंडर की बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही है। प्रशासन ने बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल तय किया है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां कई घरों में गैस की कमी बनी हुई है।

📞 शिकायत के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी

समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम नंबर 0124-2868930 जारी किया है। डीएफएससी सप्लाई ब्रांच के इंस्पेक्टर राकेश कुमार के अनुसार, उपभोक्ता इस नंबर पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।