राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने गुरुवार को बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए कहा कि वह अब पवार परिवार के किसी भी सदस्य के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगी।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में पारिवारिक मुकाबले की स्थिति नहीं बनेगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
“अब परिवार के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ूंगी”
सुप्रिया सुले ने कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य बारामती सीट से चुनाव लड़ने का फैसला करता है, तो वह स्वयं किसी अन्य सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पारिवारिक मुकाबले की पृष्ठभूमि परिस्थितिजन्य थी, लेकिन आगे ऐसा दोबारा नहीं होगा।
सुनेत्रा पवार ने किया स्वागत
सुप्रिया के इस बयान का उनकी भाभी और NCP नेता सुनेत्रा पवार ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राजनीति और पारिवारिक रिश्तों को अलग रखना जरूरी है और पवार परिवार हमेशा आपसी सम्मान बनाए रखता है।
पहले भी हो चुके हैं पारिवारिक मुकाबले
2023 में NCP में विभाजन के बाद पवार परिवार के भीतर राजनीतिक टकराव देखने को मिला था। 2024 लोकसभा चुनाव में बारामती सीट पर सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार आमने-सामने थीं, जिसमें सुप्रिया ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में भी परिवार के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे थे।
पारिवारिक राजनीति में नरमी के संकेत
हाल के समय में पवार परिवार के भीतर राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत मिले हैं। चुनावी मुकाबले के बावजूद पारिवारिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक मौकों पर सदस्यों की साथ मौजूदगी भी देखी गई है।