गुरुग्राम में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से जुड़ा बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है, जहां सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (AFSO) विजय टांक को विभागीय कार्रवाई के तहत निलंबित कर दिया गया है। यह कदम विजिलेंस जांच और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उठाया गया है।

जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के करीब 13 महीने बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है। निलंबन आदेश खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह की ओर से जारी किए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान विजय टांक का मुख्यालय कैथल निर्धारित किया गया है।

इस पूरे मामले की शुरुआत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा 16 अप्रैल 2025 को दर्ज की गई एफआईआर से हुई थी, जिसमें विजय टांक के साथ डीएफएससी अनिल कुमार और निरीक्षक प्रेम पूर्ण सिंह को भी नामजद किया गया है।

एसीबी की पुलिस अधीक्षक अंशु सिंगला की ओर से विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र के बाद मामले ने और तेजी पकड़ ली, जिसमें कई गंभीर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद विभाग में हलचल तेज हो गई और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

फिलहाल संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच जारी है और पूरे मामले की निगरानी विजिलेंस स्तर पर की जा रही है।