हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में मंगलवार को जोरदार मतदान देखने को मिला। सुबह 7 बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। गांव की सरकार चुनने के इस लोकतांत्रिक पर्व में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह नजर आया।

बुजुर्ग मतदाताओं ने बढ़ाया लोकतंत्र का मान

इस चुनाव की खास बात यह रही कि 100 वर्ष से अधिक आयु के कई बुजुर्गों ने भी मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और युवाओं को प्रेरित किया।

बिलासपुर जिले के घुमारवीं विकास खंड की सेऊ पंचायत में बने पिंक बूथ पर 113 वर्षीय मंगलू देवी ने मतदान कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसी तरह लुहारवीं पंचायत की 105 वर्षीय क्रोध देवी और भड़ोली कलां के 100 वर्षीय रामदास ने भी वोट डालकर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी दर्ज की।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बुजुर्ग मतदाताओं की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि उनका उत्साह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

100 पार की उम्र में भी मतदान का जज्बा

सुंदरनगर, निहरी और धनोटू विकास खंड की पंचायतों में भी बुजुर्गों की भागीदारी चर्चा में रही। 106 वर्षीय कपूरु राम ने चाह का डोहरा मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाला। वहीं 101 वर्षीय दुर्गा राम और 100 वर्षीय रेशमू देवी ने भी मतदान में हिस्सा लिया।

कई बुजुर्ग छड़ी या परिजनों के सहारे मतदान केंद्र पहुंचे, लेकिन लोकतंत्र के प्रति उनका उत्साह कम नहीं हुआ।

पैदल चलकर पहुंचे मतदाता

शिमला जिले में भी मतदान को लेकर लोगों का उत्साह देखने लायक रहा। जुन्गा क्षेत्र के 95 वर्षीय कृष्णा नंद शर्मा करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर मतदान केंद्र पहुंचे। वहीं अन्य कई बुजुर्ग मतदाताओं ने भी लंबी दूरी तय कर अपने वोट का प्रयोग किया।

कुछ मतदाता बैसाखी के सहारे या परिजनों की मदद से मतदान केंद्र पहुंचे, लेकिन मतदान करने का उनका संकल्प मजबूत रहा।

युवाओं में भी दिखा उत्साह

पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में भी खासा जोश देखने को मिला। कई युवा मतदाताओं ने मतदान के बाद कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है और वे अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करेंगे।

लोकतंत्र का संदेश

प्रदेशभर में मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। कहीं बुजुर्गों का जोश चर्चा में रहा तो कहीं युवाओं का उत्साह लोकतंत्र की मजबूती का संदेश देता नजर आया।