हांसी। शनिवार को रामायण फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ ट्रैक पार कर रही थी कि मालगाड़ी की चपेट में आने से मां और बड़ी बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।

मृतक महिला की पहचान भगाना गांव निवासी 38 वर्षीय उर्मिला के रूप में हुई है। घायल बच्ची को पहले हांसी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हिसार रेफर कर दिया गया और बाद में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे का दृश्य
स्थानीय निवासी उमेद ने बताया कि वह सुबह अपने खेत में काम कर रहा था, तभी उसने देखा कि महिला अपनी दो बेटियों के साथ रेलवे ट्रैक पर चल रही थी। ट्रेन के लोको पायलट ने उन्हें पहले ही देख लिया और करीब 500 मीटर पहले से रफ्तार कम कर दी। लगातार हार्न बजाने के बावजूद महिला ट्रैक से हटती नहीं थी।

उमेद ने आगे बताया कि महिला का पूरा ध्यान बड़ी बेटी की ओर था। इसी बीच छोटी बेटी झटके से मां का हाथ छोड़कर ट्रैक के किनारे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं, मां और बड़ी बेटी ट्रेन की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौत हो गई।

किसान ने छोटी बेटी की जान बचाई
हादसे के तुरंत बाद उमेद मौके पर पहुंचा और घायल बच्ची को अपनी शर्ट में लपेटकर पास की बाइक तक पहुँचाया। वहां से रामायण टोल की एंबुलेंस की मदद से बच्ची को नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीण उमेद की बहादुरी और इंसानियत की सराहना कर रहे हैं।

जांच और रेलवे बाधाएं
हादसे के बाद मालगाड़ी करीब आधे घंटे तक रुकी रही, जिससे माईयड फाटक और रामायण फाटक पर लंबा जाम लग गया। रेलवे पुलिस और सीन ऑफ क्राइम टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। महिला और बच्ची की पहचान के लिए तस्वीरें गांव के विभिन्न समूहों में साझा की गईं।

परिवार की जानकारी
स्वजनों के अनुसार, उर्मिला की शादी भगाना गांव के नरेंद्र के साथ हुई थी। उनका परिवार हांसी के गगनखेड़ा गांव में है। उर्मिला की चार बेटियां थीं; हादसे में मां और बड़ी बेटी की मौत हो गई, एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है और दो बड़ी बेटियां घर पर थीं।

हादसा पूरे इलाके में शोक और सदमे का कारण बन गया। स्थानीय लोगों ने उमेद की बहादुरी की तारीफ की और कहा कि उसकी वजह से छोटी बच्ची की जान बच पाई।