जोधकां/हरियाणा। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और स्टार गोलकीपर सविता पूनिया को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। इस खबर के मिलते ही जोधकां और जिले के अन्य हिस्सों में खुशी का माहौल बन गया।

सविता पूनिया किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्हें सबसे पहले उनके प्राइमरी स्कूल के खेल शिक्षक दीपचंद कंबोज ने कक्षा छह में खेलते हुए देखा और प्रतिभा को पहचान लिया। इसके बाद सविता ने लगातार खेल के क्षेत्र में नाम कमाया। उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2022 में भीम अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

सविता के पिता महेंद्र पूनिया ने बेटी के पद्मश्री चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पूरा परिवार, समाज और गांव के लिए गर्व की बात है। सविता ने 18 जनवरी को अपने परिवार से मुलाकात की थी। वर्तमान में वह इंडियन टीम के वर्ल्ड कप क्वालीफाई मुकाबलों के लिए बंगलुरु में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शामिल हैं।

वॉल ऑफ इंडिया के नाम से जानी जाती हैं सविता

भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए “वॉल ऑफ इंडिया” के नाम से जाना जाता है। यह ख्याति उन्हें टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 पेनाल्टी कॉर्नर बचाने के बाद मिली।

सविता ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और अब तक 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं। वे 2016 रियो ओलंपिक और 2020 टोक्यो ओलंपिक (चौथा स्थान) में भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं। इसके अलावा, 2018 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम की सदस्य भी रह चुकी हैं। उन्होंने लगातार तीन बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार भी जीता।

बचपन से ही खेल में दिखी प्रतिभा

सविता पूनिया ने अपने गाँव जोधकां के प्राइमरी स्कूल से पढ़ाई की। कक्षा छह में खेल शिक्षक ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उनके पिता महेंद्र पूनिया, जो स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट हैं, से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यदि सविता को मौका मिले तो वह बहुत आगे जा सकती है।

महेंद्र पूनिया बताते हैं कि शुरुआती दौर में संसाधनों की कमी के बावजूद सविता ने जूनियर नेशनल लेवल हॉकी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार खेल में सफलता हासिल की।

सविता पूनिया की प्रमुख उपलब्धियां

  • अंतरराष्ट्रीय मैच: 300+, दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी।

  • अर्जुन पुरस्कार (2018)

  • FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर (2020-21, 2021-22, 2022-23)

  • एशिया कप 2017: स्वर्ण पदक, बेस्ट गोलकीपर

  • एशियाई खेल 2018: रजत पदक

  • एशिया कप 2013: कांस्य पदक

  • एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2018: रजत पदक

  • FIH महिला नेशंस लीग 2022: विजेता (कप्तान)

  • एशिया कप 2022: तीसरा स्थान (कप्तान)

  • ओलंपिक: 2016 और 2020

  • हरियाणा सरकार द्वारा भीम अवार्ड

सविता पूनिया का यह पद्मश्री सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे गांव, जिले और खेल प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण है।