छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक निर्णय लिए गए। बैठक में प्रशासनिक सुधार से लेकर सामाजिक कल्याण और औद्योगिक विकास तक कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

1. समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए समिति का गठन

कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया। समिति का उद्देश्य राज्य में लागू अलग-अलग पर्सनल लॉ का अध्ययन कर एक समान कानून का प्रारूप तैयार करना होगा।

यह समिति नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर एक ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसे आगे मंत्रिपरिषद और विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

2. महिलाओं को संपत्ति रजिस्ट्रेशन में राहत

महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। इससे महिलाओं को संपत्ति खरीदने में प्रोत्साहन मिलेगा, हालांकि इससे राज्य को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का असर पड़ेगा।

3. सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प ड्यूटी में छूट

सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राहत देते हुए सरकार ने एक बार की संपत्ति खरीद (25 लाख रुपये तक) पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है।

4. औद्योगिक भूमि नियमों में संशोधन

छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे सेवा क्षेत्र को स्पष्ट पात्रता, भूमि आवंटन में पारदर्शिता, NBFC की भागीदारी और PPP मॉडल को बढ़ावा मिलेगा। इसका उद्देश्य Ease of Doing Business को मजबूत करना है।

5. रेत खनन नियमों में बदलाव

सरकार ने रेत खनन से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब सरकारी उपक्रमों जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी, जिससे आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी।

6. गौण खनिज नियमों में बड़ा संशोधन

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि के लिए नियमों में व्यापक बदलाव किए गए हैं। अवैध खनन पर जुर्माना 25 हजार से 5 लाख रुपये तक तय किया गया है। निष्क्रिय खदानों पर सख्ती बढ़ाई गई है और रॉयल्टी भुगतान प्रक्रिया को पूरे राज्य में एक समान किया गया है।

7. पशुधन योजना में सभी वर्गों को लाभ

दुधारू पशु प्रदाय पायलट प्रोजेक्ट में संशोधन कर अब सभी सामाजिक वर्गों को योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। इससे स्वरोजगार और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी।

8. पशु टीकाकरण के लिए विशेष व्यवस्था

पशुओं में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए टीकों की खरीद Indian Immunologicals Limited (NDDB की सहायक कंपनी) से करने की अनुमति दी गई है, ताकि समय पर टीकाकरण सुनिश्चित हो सके और उत्पादन प्रभावित न हो।

9. मध्यप्रदेश के साथ पेंशन भुगतान समायोजन

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत पेंशन दायित्वों के समायोजन को मंजूरी दी। त्रुटिपूर्ण लेखांकन के कारण हुए 10,536 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान में से 2,000 करोड़ रुपये पहले ही लौटाए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि छह वार्षिक किस्तों में प्राप्त होगी।