यूपी: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राममंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसआईटी को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कहीं उसकी जांच रिपोर्ट ही “गायब” न कर दी जाए।
कन्नौज में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने मजबूरी में एसआईटी का गठन किया है, लेकिन जांच को लगातार टालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि समय बढ़ाने का मकसद सबूतों को प्रभावित करना हो सकता है। उनके अनुसार मंदिर परिसर से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज के गायब होने की बात सामने आई है, जिससे पूरी पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
अखिलेश ने दावा किया कि जिन दान और चढ़ावे का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए था, उससे जुड़ी जानकारी सामने नहीं आ रही है। उन्होंने इसे बड़ा मामला बताते हुए कहा कि इस कथित अनियमितता से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमला बोलते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं पानी की टंकियां गिर रही हैं तो कहीं पुलों में दरारें आ रही हैं। उनके मुताबिक, “डबल इंजन सरकार” में भ्रष्टाचार भी दोहरे स्तर पर फैला हुआ है, जहां कमीशनखोरी और गुणवत्ता से समझौता आम बात हो गई है।
उन्होंने हाल ही में कानपुर के घाटमपुर में चार साल पहले बने 46 करोड़ रुपये के ओवरब्रिज में आई दरारों का उदाहरण देते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही जल जीवन मिशन और सड़क परियोजनाओं में भी भ्रष्टाचार के आरोप दोहराए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि मौजूदा हालात में जनता बदलाव चाहती है और 2027 में उत्तर प्रदेश में राजनीतिक परिवर्तन तय है।
इसी बीच उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि असली योग वही है जो समाज में एकता और समरसता स्थापित करे।
वहीं, इस बयान पर पलटवार करते हुए डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और उनके परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सपा नेताओं को इस पर टिप्पणी से बचना चाहिए। मौर्य ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी करेगी।