शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है। शाह ने कहा था कि अब केवल एक ही शिवसेना है और उसका नेतृत्व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व वाली शिवसेना ही वास्तविक शिवसेना है।

मुंबई के भांडुप में आयोजित एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि “असली शिवसेना वही है जिसका नेतृत्व मैं कर रहा हूं।” यह कार्यक्रम मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा क्षेत्र में हुआ, जो शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय दिना पाटिल का क्षेत्र है।

पार्टी छोड़ने वालों पर तीखा हमला

उद्धव ठाकरे ने इस दौरान पार्टी छोड़कर गए नेताओं पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोगों ने विश्वासघात किया हो और राजनीतिक लाभ के लिए पाला बदला हो, लेकिन शिवसैनिक आज भी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। ठाकरे ने भावुक अंदाज में कहा, “मैं आप सभी से माफी मांगता हूं कि मैंने एक ‘गद्दार’ के लिए वोट मांगे थे। मैंने पूरी मेहनत से प्रचार किया था और उन्हें टिकट भी दिया था, लेकिन जीत के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया।”

उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह का दल-बदल लोकतंत्र के लिए खतरे की बात है और इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है।

भाजपा पर निशाना

भाजपा पर हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश की राजनीति में संगठनात्मक पारदर्शिता की कमी दिख रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कई लोगों को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम तक नहीं पता होता, और आने वाले समय में स्थिति और बदल सकती है। ठाकरे ने यह भी कहा कि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ के नारे के उलट अब राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।

संजय राउत का बचाव

संजय राउत के बयानों को लेकर चल रही आलोचनाओं पर उद्धव ठाकरे ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है और कई बार परिस्थिति के अनुसार सख्त भाषा में जवाब देना भी जरूरी हो जाता है।

कांग्रेस और भाजपा पर तुलना

ठाकरे ने दावा किया कि कांग्रेस के साथ उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष के बावजूद पार्टी ने कभी शिवसेना को खत्म करने या तोड़ने की कोशिश नहीं की, जबकि भाजपा पर उन्होंने संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि अविभाजित शिवसेना ने ही महाराष्ट्र में भाजपा को शुरुआती दौर में मजबूत करने में भूमिका निभाई थी।

कार्यकर्ताओं को संदेश

कार्यक्रम के अंत में उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह किसी भी परिस्थिति से निराश नहीं हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वालों के कारण संगठन और अधिक मजबूत हुआ है। साथ ही उन्होंने मुंबई उत्तर-पूर्व सीट का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी का लक्ष्य इसे दोबारा जीतना है, जिसे शिवसेना हमेशा अपनी मजबूत सीटों में मानती रही है।