जम्मू-कश्मीर में पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा की शुरुआत धार्मिक उल्लास और “हर-हर महादेव” के जयकारों के बीच हो गई। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर अमरनाथ गुफा में वैदिक मंत्रोच्चारण, घंटे-घड़ियाल और शंखध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार सुबह पवित्र गुफा में प्रथम पूजा-अर्चना कर यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बाबा बर्फानी से देश की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी। इससे पहले यात्रियों का पहला जत्था दो जुलाई को जम्मू के आधार शिविर भगवती नगर से पहलगाम (अनंतनाग) और बालटाल (गांदरबल) के लिए रवाना किया जाएगा।
इस बीच यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए एक व्यापक ड्राइ रन भी आयोजित किया गया। करीब 640 वाहनों का काफिला निर्धारित समय सुबह चार बजे भगवती नगर से रवाना हुआ और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के रास्ते रामबन तक पहुंचा। इस दौरान पूरे रूट पर यातायात को नियंत्रित किया गया और सुरक्षा अभ्यास को वास्तविक यात्रा की तरह अंजाम दिया गया।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त तैनाती के साथ फेसियल रिकॉग्निशन कैमरे और ड्रोन निगरानी भी लगाई गई है। लगभग 67 हजार जवानों को यात्रा सुरक्षा में लगाया गया है।
इधर, सुरक्षा तैयारियों को लेकर पठानकोट में एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सेना, पुलिस, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने समन्वय और रणनीति पर चर्चा की।