मुजफ्फरनगर। चर्चित जहरीली शराब कांड में करीब सात साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। वर्ष 2019 में भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली गांव में अवैध और जहरीली शराब बिक्री के मामले में आरोपी सोनू को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इस घटना में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो गया था।

यह मामला 4 अगस्त 2019 का है, जब सिसौली निवासी नितिन कुमार ने थाना भौराकलां में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही सोनू से उसके परिजनों ने शराब खरीदी थी। शराब पीने के कुछ ही समय बाद बृजेश, नीरज और नरेंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उपचार के दौरान बृजेश और नीरज की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति की जान बच गई।


घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में अक्टूबर 2019 में पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और सभी साक्ष्यों को अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और सबूतों के आधार पर आरोपी सोनू को दोषी माना।


अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 ने सुनवाई के बाद आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

पुलिस प्रशासन ने इस फैसले को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एक सख्त संदेश बताया है और कहा है कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।