जम्मू/आरएस पुरा: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में बीएसएफ के जवान जसविंदर सिंह (42वीं वाहिनी, त्रिपुरा) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने एनसीबी अधिकारियों पर उनके बेटे की हत्या का आरोप लगाया है और सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।

जसविंदर सिंह का परिवार न्यू दीवानगढ़, आरएस पुरा का निवासी है। वह फरवरी में एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे और पांच मार्च को फिर से ड्यूटी पर लौटने वाले थे। तीन मार्च को वह अपनी मां को डॉक्टर के पास दिखाने के लिए जम्मू गए थे। लौटते समय, मीरां साहिब के बलोल पुल के पास एनसीबी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया और एनसीबी कार्यालय जम्मू ले गए।

परिजन ने लगाया हत्या का आरोप
जसविंदर की मां गुरमीत कौर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनके बेटे की जान ली और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एनसीबी अधिकारियों ने कोई वारंट नहीं दिखाया और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के जसविंदर को अपने साथ ले गए।

शुक्रवार शाम, परिजन कुछ ग्रामीणों के साथ एसडीपीओ आरएस पुरा के कार्यालय पहुंचे और एनसीबी से जुड़े सवाल किए। एसडीपीओ गुरमीत सिंह ने आश्वासन दिया कि शव का पोस्टमार्टम अमृतसर में होगा और परिवार को सौंपा जाएगा।

अस्पताल में हालत गंभीर, परिजन ने दी जानकारी
जसविंदर की पत्नी लवजीत कौर ने बताया कि वीरवार रात उन्हें एनसीबी के अधिकारी का फोन आया और बताया गया कि जसविंदर अमृतसर के अस्पताल में भर्ती है। लवजीत ने कहा कि उनसे कुछ दिन पहले आखिरी बातचीत में जसविंदर ने बताया था कि उन्हें पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया है।

परिवार और परिजन अब अमृतसर पहुंच चुके हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने इलाके में चिंता और गुस्सा दोनों ही पैदा कर दिया है।