भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान के दावों को नकारते हुए साफ किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के अविभाज्य हिस्से हैं। भारत के राजदूत हरीश परवथानेनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का हिस्सा रहे हैं और रहेंगे।”

पाकिस्तान ने अपनी बात रखते हुए अमन और शांति का हवाला देते हुए कश्मीर पर दावा पेश करने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया।

सिंधु जल संधि पर भारत का जवाब
हरीश परवथानेनी ने कहा कि भारत ने पिछले 65 वर्षों से मित्रता और सद्भावना के तहत सिंधु जल संधि का पालन किया। इसके बावजूद पाकिस्तान ने भारत पर तीन युद्ध छेड़े और हजारों आतंकवादी हमले करवाए, जिससे संधि की भावना का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान द्वारा किए गए आतंकवादी हमलों में हजारों भारतीयों की जान गई। इस साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भी 1 विदेशी नागरिक समेत 26 लोग मारे गए।”

आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरा
सिंधु जल संधि के संदर्भ में भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के वैश्विक केंद्र पाकिस्तान के कारण यह संधि स्थगित की गई है। हरीश ने कहा, “जब तक पाकिस्तान की जमीन पर आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक यह संधि लागू नहीं होगी।”

संवैधानिक स्थिति पर सवाल
भारत ने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन और राजनीतिक घटनाओं को भी सामने लाते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाल दिया गया, उनकी पार्टी पीटीआई पर प्रतिबंध लगाया गया और सेना प्रमुख को आजीवन प्रतिरक्षा देने वाला संशोधन किया गया। हरीश ने इसे संवैधानिक तख्तापलट करार दिया।