पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने भारत को राहत देते हुए आश्वासन दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाज और उनके नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। ईरान ने भारतीय जहाजों और नाविकों को मित्र राष्ट्र बताते हुए कहा है कि इससे एलपीजी और तेल की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति

28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद से होर्मुज स्ट्रेट बाधित हो गया था, जो दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान ने अब मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। इसके तहत भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाज सुरक्षित रूप से पार कर सकते हैं। ईरान के भारत स्थित दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हैं, चिंता की कोई आवश्यकता नहीं।"

भारतीय जहाजों की स्थिति

अब तक कम से कम आठ भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकल चुके हैं। इनमें एलपीजी कैरियर बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म शामिल हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 94,000 टन एलपीजी का कार्गो था।

वर्तमान में भारत के लिए 19 जहाज होर्मुज में फंसे हैं, जिनमें एलपीजी, कच्चा तेल और एलएनजी शामिल हैं। बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने 30 मार्च को जानकारी देते हुए बताया कि इनमें 10 विदेशी झंडे वाले जहाज भी शामिल हैं। इनमें 3 एलपीजी, 4 कच्चे तेल के टैंकर और 3 एलएनजी कैरियर हैं।

भारतीय झंडे वाले जहाजों में 3 एलपीजी टैंकर, 1 एलएनजी कैरियर और 4 कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं। एक खाली टैंकर में एलपीजी भरने का काम चल रहा है। संघर्ष के दौरान इस संकरे स्ट्रेट में लगभग 500 जहाज फंसे हुए थे।