श्रीनगर: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को श्रीनगर के पुराने शहर स्थित बादामवारी में आलमंड ब्लॉसम फेस्टिवल-2026 का शुभारंभ किया। इस साल के फेस्टिवल का शीर्षक ‘बादाम वेर ब्लूम्स’ रखा गया है, जो कश्मीर में वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। सीएम ने कहा कि यह उत्सव प्रकृति और कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के बीच अटूट जुड़ाव को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बादाम के फूल न केवल वसंत की शुरुआत का संकेत हैं, बल्कि यह नवीनीकरण, आशा और घाटी की सांस्कृतिक जीवंतता का प्रतीक भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव न केवल ऐतिहासिक स्थलों को पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और कलाकारों के लिए आर्थिक अवसर भी पैदा करते हैं।
फेस्टिवल में पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आलमंड ब्लॉसम फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम कश्मीर के वसंत ऋतु की भव्यता, सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने का शानदार मंच प्रदान करते हैं। ये आयोजन पर्यटकों को आकर्षित करते हैं और समुदाय को अपनी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
सीएम ने बागवानी विभाग की सराहना करते हुए कहा कि बादामवारी को समय पर खोलना और इसे पर्यटकों के लिए तैयार रखना उनकी सफलता का परिणाम है। उन्होंने स्वयं आगंतुकों के साथ सेल्फी भी ली।
जम्मू-कश्मीर के बगीचों के लिए ऑनलाइन टिकटिंग पोर्टल लांच
मुख्यमंत्री ने जम्मू और कश्मीर के सभी बगीचों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम का भी उद्घाटन किया। यह प्लेटफॉर्म https://floriculture.jk.gov.in पर उपलब्ध है और इसे जम्मू-कश्मीर सरकार के फ्लोरीकल्चर विभाग ने जम्मू-कश्मीर बैंक के सहयोग से विकसित किया है।
ऑनलाइन टिकटिंग से लंबी कतारों और नकद लेनदेन की परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और ई-बैंकिंग सहित कई भुगतान विकल्पों का समर्थन करता है और भीड़ के बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा।
भारी पर्यटक संख्या की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने स्प्रिंग फेस्टिवल और अगले सप्ताह ट्यूलिप गार्डन के खुलने का जिक्र करते हुए कहा कि यह घाटी में गर्मियों के पर्यटन सीजन की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आएंगे और कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करेंगे। हालांकि, उन्होंने चेताया कि ईरान और इस्राइल के बीच संघर्ष के चलते बढ़े हवाई किराए का असर पर्यटन पर पड़ सकता है।