धनबाद। नीट (NEET) की पुनर्परीक्षा रविवार को जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच शुरू हुई। दोपहर 1:30 बजे सभी परीक्षा केंद्रों के गेट छात्रों के लिए बंद कर दिए गए, जिसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया।
सुबह 11 बजे से ही छात्र अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत अभिभावकों को केंद्र से करीब 100 मीटर पहले ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया। इसके बाद दो स्तर की जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही छात्रों को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया।
प्रवेश के दौरान पहले आधार कार्ड और आवेदन पत्र की जांच की गई, साथ ही लाइव फोटो का मिलान भी किया गया। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रक्रिया के तहत दसों उंगलियों के निशान और आईरिस स्कैन की पुष्टि की गई। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही छात्रों को परीक्षा कक्ष में बैठने दिया गया।
आईआईटी-आईएसएम केंद्र पर कुछ छात्र जूते पहनकर पहुंचे थे, जिन्हें सुरक्षा जांच के दौरान बाहर ही उतरवा दिया गया। वहीं, छात्राओं से दुपट्टा और गले में पहने गए लॉकेट या चेन भी हटवाए गए, क्योंकि नियमों के अनुसार इन्हें परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं थी।
इसी केंद्र पर एक छात्रा परीक्षा को लेकर घबराई हुई नजर आई। वह बार-बार अपने अभिभावकों के पास लौट रही थी और बाद में भावुक होकर रोने लगी। परिजनों के अनुसार वह पहले भी नीट दे चुकी थी, लेकिन इस बार मानसिक दबाव के कारण परेशान हो गई थी।
सभी परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और जिला पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बीबीएमकेयू, केंद्रीय विद्यालय विनोद नगर और आईआईटी-आईएसएम में कई छात्र परीक्षा में बैठने से पहले अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेते भी दिखे।
एसएसएलएनटी महिला कॉलेज केंद्र पर परीक्षार्थियों की सबसे अधिक भीड़ देखी गई। यहां जामताड़ा और गिरिडीह से भी छात्र अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे।
परीक्षा व्यवस्था और आंकड़े
धनबाद में नीट पुनर्परीक्षा के लिए कुल सात केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें आईआईटी-आईएसएम, बीबीएमकेयू, बीआईटी सिंदरी, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर, डिग्री कॉलेज जामाडोबा और केंद्रीय विद्यालय विनोद नगर शामिल हैं।
इन केंद्रों पर लगभग 4,000 छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सबसे अधिक 960 छात्र आईआईटी-आईएसएम में परीक्षा दे रहे हैं, जबकि बीबीएमकेयू में 720 और आरएस मोर कॉलेज में 500 छात्र शामिल हैं। अन्य चार केंद्रों पर शेष परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
परीक्षा एक ही पाली में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। इस बार छात्रों को उत्तर लिखने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया गया है।
नीट के स्कोर के आधार पर छात्रों को झारखंड के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश मिलेगा। राज्य में कुल छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 730 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।