रांची में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सैकड़ों युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर नवनियुक्त डॉक्टरों, अस्पताल प्रबंधकों और वित्त प्रबंधकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे जनता के प्रति पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील की।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम
यह कार्यक्रम प्रोजेक्ट भवन में आयोजित किया गया, जिसे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक अहम पहल माना जा रहा है। सरकार ने डॉक्टरों के साथ-साथ हॉस्पिटल मैनेजर और फाइनेंस मैनेजर की नियुक्ति कर अस्पतालों की कार्यप्रणाली को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने की कोशिश की है।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की नवनियुक्त कर्मियों को नसीहत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सभी नवनियुक्त कर्मियों को यह हमेशा याद रखना चाहिए कि उनका वेतन जनता के कर से आता है, इसलिए उनकी पहली जिम्मेदारी जनता की सेवा है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी केवल रोजगार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और जनसेवा का माध्यम है।
उन्होंने सभी से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करने की अपील की।
विकास और वेतन संतुलन पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में खर्च हो जाता है, जिससे विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन बचते हैं। ऐसे में सभी कर्मचारियों का कर्तव्य और अधिक बढ़ जाता है कि वे अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से पालन करें।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की उम्मीद
हेमंत सोरेन ने विश्वास जताया कि यदि सभी कर्मचारी अपने कार्यों को ईमानदारी से निभाएं, तो झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की उम्मीदों के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
जनसेवा को बताया सबसे बड़ी जिम्मेदारी
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का भरोसा बनाए रखना हर सरकारी कर्मचारी का दायित्व है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों से अपील की कि वे अपनी कार्यशैली से लोगों का विश्वास जीतें और जनसेवा को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनाएं।