जमशेदपुर। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। संभावित गैस किल्लत को देखते हुए तेल कंपनियों ने बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव किए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

इसी स्थिति का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ये लोग एलपीजी सिलिंडर और पीएनजी कनेक्शन के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने इंटरनेट, अनजान कॉल और संदिग्ध लिंक के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।

फर्जी कॉल और लिंक से ठगी

सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को गैस एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर उपभोक्ताओं को कॉल करते हैं। इसके बाद वे WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं और जल्द गैस डिलीवरी का झांसा देते हैं।

जब उपभोक्ता लिंक पर क्लिक कर भुगतान करता है, तो पैसा सीधे ठगों के खाते में चला जाता है। कई मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन का नियंत्रण भी ठगों के हाथ में चला जाता है, जिससे बैंक खाते से रकम निकाली जा सकती है।

गैस कंपनियों ने साफ किया है कि वे कभी भी अनजान लिंक के जरिए भुगतान करने के लिए नहीं कहतीं। उपभोक्ताओं को केवल आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए ही बुकिंग करनी चाहिए।

ठगी के नए तरीके

ठग अक्सर “Pay Now” और “Get Gas Tomorrow” जैसे संदेश भेजकर एडवांस भुगतान की मांग करते हैं। इंटरनेट पर फर्जी विज्ञापन और कंपनियों के लोगो का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की जाती है। पीएनजी कनेक्शन काटने की धमकी देकर बिल भुगतान के नाम पर भी ठगी की जा रही है।

बचाव और शिकायत

पुलिस ने सलाह दी है कि:

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • संदिग्ध वेबसाइट पर वित्तीय जानकारी साझा न करें।
  • OTP किसी के साथ साझा न करें।
  • किसी भी संदिग्ध कॉल की पुष्टि अवश्य करें।

यदि ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही नजदीकी साइबर थाना में भी सूचना देना आवश्यक है।