रांची: अरगोड़ा थाना क्षेत्र के कडरू न्यू एजी कॉलोनी स्थित मंदिर मार्ग पर सोमवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने आत्महत्या का प्रयास किया। इस दर्दनाक घटना में बेटे मिहिर शेखर की मौत हो गई, जबकि उनकी मां स्नेहा अखोरी और बहन सौम्या की हालत गंभीर बनी हुई है।
दोनों महिलाओं को तुरंत गुरुनानक अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में बेहतर उपचार के लिए शैमफोर्ड अस्पताल रेफर किया गया।
क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, मिहिर ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि उनकी मां और बहन ने कीटनाशक का सेवन किया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्नेहा व सौम्या को अस्पताल पहुंचाया।
अरगोड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि स्नेहा अखोरी पेशे से अधिवक्ता हैं और हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करती थीं। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से वह कोर्ट नहीं जा रही थीं। मिहिर और सौम्या भी उसी घर में रहती थीं। घटना की जानकारी भाभी सुधा सिन्हा ने पुलिस को दी।
कैसे पता चला हादसा?
सुधा सिन्हा ने पुलिस को बताया कि सोमवार दोपहर वह अपनी बेटी को स्कूल से लाकर घर लौटी थीं। उसी समय स्नेहा के कमरे से तेज आवाज सुनाई दी। दरवाजा खटखटाने पर कुछ देर बाद सौम्या बाहर आई और रोते हुए बताया कि उसका भाई मिहिर आत्महत्या कर चुका है और उसने व मां ने भी जहर खा लिया है।
तनाव के कारण सामने आए
पुलिस जांच में यह पता चला कि मिहिर ने सीए की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में कोलकाता में नौकरी भी लगी थी। लेकिन जनवरी में मिहिर की मौसी के निधन के बाद वह रांची लौट आया और उसकी नौकरी छूट गई। इस कारण वह मानसिक तनाव में था और उसने मां से कहा था कि वह अब जीवित नहीं रहना चाहता।
घर में चार दिन तक बंद रहा परिवार
शुक्रवार को स्नेहा ने सुधा को फोन कर बताया कि वह बच्चों के साथ कोलकाता जा रही हैं। लेकिन शुक्रवार से सोमवार दोपहर तक घर में कोई लाइट नहीं जली। केवल सोमवार को कमरे से आवाज आने पर घटनास्थल का पता चला। सौम्या ने सुधा को बताया कि मां ने उन्हें किसी को कुछ न बताने को कहा था।
परिवार की पृष्ठभूमि
पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत और मिलनसार नहीं था। मिहिर के पिता कई साल पहले निधन हो चुके थे। स्नेहा ने अकेले ही दोनों बच्चों की परवरिश की।
पुलिस जांच की स्थिति
इस घटना से जुड़े कोई सुसाइड नोट नहीं मिले हैं। स्नेहा और सौम्या के होश में आने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट हो सके।
चश्मदीद की जुबानी
भाभी सुधा सिन्हा ने बताया कि कमरे से आवाज आने पर उन्हें लगा कि घर में कोई घुस आया है। सौम्या ने दरवाजा खोला तो स्थिति भयावह थी। मिहिर का शव जमीन पर पड़ा था और स्नेहा भी फर्श पर तड़प रही थीं। सुधा के समय पर हस्तक्षेप से मां और बहन की जान बच गई।