रांची में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों के बीच शुक्रवार को कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। शहर के हरमू स्थित दुलारी पंप, बिरसा चौक, कोकर समेत विभिन्न इलाकों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई जगह लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाते नजर आए, जबकि कुछ उपभोक्ताओं ने डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल स्टोर किया।

सूत्रों के मुताबिक, नई दरें लागू होने के बाद रांची में पेट्रोल की कीमत 97.86 रुपये से बढ़कर 100.86 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। संशोधित दरों पर बिक्री शुक्रवार सुबह से ही लागू कर दी गई।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक संगठनों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने साफ किया है कि शहर में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह बाधित नहीं है और घबराहट में खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है। उपभोक्ताओं से केवल वास्तविक जरूरत के अनुसार ही ईंधन लेने को कहा गया है।

जानकारी के अनुसार, रांची में रोजाना ईंधन की मांग और आपूर्ति के बीच लगभग एक लाख लीटर का अंतर बना हुआ है, जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। वहीं कुछ स्थानों पर तय दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम जनता पर पड़ रहा है। दैनिक उपयोग के वाहन चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता का माहौल है।

तेल कंपनियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर कई देशों सहित भारत में भी ईंधन दरों पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।