इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैल रही बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार सुबह इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जिससे इस त्रासदी ने एक बार फिर पूरे शहर को झकझोर दिया है।
मृतक की पहचान हेमंत गायकवाड़ के रूप में हुई है। बताया गया कि लगभग एक माह पहले दूषित पानी पीने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उसे उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले उसे परदेशीपुरा स्थित वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां से ठीक होने पर छुट्टी दे दी गई। हालांकि कुछ ही दिनों में उसकी हालत दोबारा बिगड़ गई और करीब 15 दिन पहले उसे अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।
हेमंत पेशे से रिक्शा चालक था और अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसके परिवार में चार बेटियां हैं, जो सभी पढ़ाई कर रही हैं। परिजनों ने बताया कि शुरुआती जांच में उसे उल्टी-दस्त के साथ अन्य बीमारियां भी पाई गई थीं।
आंकड़े डराने वाले
दूषित पानी की वजह से इंदौर में अब तक एक हजार से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। वर्तमान में 20 से ज्यादा मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। अब तक इस कारण 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं। 40 वर्ष से कम उम्र के तीन लोगों की जान गई है, जबकि छह माह का एक मासूम भी इस सूची में शामिल है।
भागीरथपुरा में फैले इस जल संकट की गूंज अब प्रदेश से लेकर राजधानी दिल्ली तक पहुंच चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।