भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के विवादित बयान “जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा” को लेकर विरोध तेज हो गया है। रविवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया और मौलाना का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों ने पुतले पर जूते और चप्पल फेंके और पोस्टरों पर क्रॉस बनाकर नारेबाजी की। कुछ पोस्टरों पर “भारत में रहना होगा तो वंदे मातरम कहना होगा” जैसे संदेश भी लिखे गए।
VHP के प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौहान ने कहा कि मदनी का बयान देश और हिंदू समाज के खिलाफ है और इससे मुस्लिम युवाओं को उकसाने की कोशिश होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से समाज में अलगाव फैलता है। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी मौलाना पर हमला बोलते हुए कहा कि कट्टरपंथी तत्व ‘जुल्म, जन्नत और जिहाद’ जैसे नारों के नाम पर युवाओं को भटका रहे हैं। उन्होंने मुस्लिम समाज से ऐसे तत्वों से दूरी बनाने की अपील की।
वहीं, मदनी ने शनिवार को भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में कहा कि जिहाद का अर्थ हिंसा नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष है। उन्होंने लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसे शब्दों को मुसलमानों को बदनाम करने के लिए गढ़ा गया बताया और स्पष्ट किया कि उनका बयान केवल अन्याय के खिलाफ लड़ाई के संदर्भ में है।