इंदौर में ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। शिलांग कोर्ट से मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद जहां कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी है, वहीं उसके परिवार के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
सोनम के भाई गोविंद ने साफ कहा है कि वह अब अपनी बहन के साथ किसी भी तरह का संबंध नहीं रखना चाहता। उसका कहना है कि गिरफ्तारी के बाद ही उसने सोनम से दूरी बना ली थी और जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह निर्दोष साबित हो गई है। गोविंद के अनुसार, सोनम अब कहां रहेगी, यह उसका निजी फैसला है और परिवार इसमें कोई भूमिका नहीं निभाएगा।
वहीं दूसरी ओर, परिवार में पिता देवी सिंह सोनम के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। वे शिलांग में मौजूद रहकर जमानत प्रक्रिया और रिहाई से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
इस मामले में एक नया आरोप भी सामने आया है। गोविंद ने सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह पर गंभीर आर्थिक गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसने कंपनी के करीब 2 करोड़ रुपये का गबन किया। उनका कहना है कि राज ग्राहकों से पैसे वसूलता था, लेकिन उन्हें कंपनी में जमा नहीं करता था, जिसकी जानकारी बाद में सामने आई।
गोविंद ने यह भी बताया कि काम के दौरान सोनम और राज के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं और दोनों ने मिलकर अलग व्यवसाय शुरू करने की योजना बनाई थी।
उधर, राजा रघुवंशी के परिवार ने सोनम को जमानत मिलने पर गहरा आक्रोश जताया है। परिवार का कहना है कि यह फैसला उन्हें मानसिक रूप से तोड़ देने वाला है और उन्होंने सामूहिक आत्महत्या तक की बात कही है। परिजनों ने आरोप लगाया कि कमजोर जांच के कारण आरोपियों को राहत मिली।
वकील पक्ष का कहना है कि मामला पर्याप्त साक्ष्यों की कमी से जुड़ा है, इसलिए अदालत ने जमानत दी है।
जमानत मिलने के बाद सोनम को मंगलवार शाम शिलांग जेल से रिहा किया गया। बताया जा रहा है कि उसे मीडिया और भीड़ से बचाने के लिए पिछले रास्ते से बाहर निकाला गया। इस दौरान उसके वकील और पिता मौजूद थे।