भोपाल में मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया गुरुवार को पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में समाप्त हो गई। भारतीय जनता पार्टी के तीनों उम्मीदवार—तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट—को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। विधानसभा परिसर में रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपकर औपचारिक घोषणा की।
निर्विरोध चुनाव का कारण यह रहा कि नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने के बाद मैदान में जितने उम्मीदवार बचे, उनकी संख्या और सीटों की संख्या बराबर हो गई। ऐसे में मतदान की आवश्यकता ही नहीं पड़ी और सभी सीटों पर सहमति से परिणाम तय हो गया।
चुनावी समीकरण उस समय पूरी तरह बदल गए जब कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जांच प्रक्रिया के दौरान निरस्त कर दिया गया। इसके बाद मुकाबला और सीमित हो गया और भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, जो नाम वापसी के बाद औपचारिक रूप से स्पष्ट हो गई।
इस चुनाव में भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग, मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को उम्मीदवार बनाया था। वहीं कांग्रेस ने एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा था। विधानसभा में संख्याबल के आधार पर पहले भाजपा की दो और कांग्रेस की एक सीट पर संभावनाएं मानी जा रही थीं, लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद पूरा गणित बदल गया।
कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के फैसले को लेकर पहले चुनाव आयोग और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि पार्टी को वहां तत्काल राहत नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई कल करने का संकेत दिया है।