भोपाल: मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के पेंशन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। अब प्रदेश की तलाकशुदा बेटियां भी अपने माता-पिता की ‘परिवार पेंशन’ की पात्र होंगी।
बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनकी जानकारी उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय के बाद तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन मिलने का अधिकार मिलेगा, जो कानूनी रूप से अपने माता-पिता पर आश्रित हैं।
मंत्री काश्यप ने कहा कि इस कदम से राज्य की हजारों महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा, जिन्हें पहले तकनीकी बाधाओं के कारण परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता था। सरकार का मानना है कि यह फैसला न केवल महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि समाज के संवेदनशील वर्ग को सुरक्षा और आर्थिक सहयोग भी प्रदान करेगा।
साथ ही, कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी है। नया बजट 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा।