मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया। मामला तब सामने आया जब पिछोर कस्बे में अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित समारोह में एक पूर्व डकैत की तस्वीर पर भी माल्यार्पण किया गया।
यह कार्यक्रम पाल-बघेल समाज की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें मंच पर अहिल्याबाई होल्कर के साथ-साथ चंबल क्षेत्र के पूर्व डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर भी लगाई गई थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने दोनों चित्रों पर पुष्पमाला अर्पित की।
विधायक का बयान सामने आया
घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई। विधायक प्रीतम लोधी ने अपने बयान में कहा कि रामबाबू गड़रिया उनके करीब रहे हैं और उन्होंने उनके जीवन के संघर्षों को नजदीक से देखा है। उन्होंने दावा किया कि परिस्थितियों और सामाजिक हालात के कारण वे अपराध की दुनिया में चले गए।
लोधी ने यह भी कहा कि हर व्यक्ति की अपनी परिस्थितियां होती हैं और अपराधी भी एक इंसान होता है, इसलिए उनके जीवन को समझने की जरूरत है।
ऐतिहासिक व्यक्तित्व के साथ तुलना पर सवाल
अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान ऐतिहासिक शख्सियत, जिन्हें सुशासन और जनसेवा के लिए जाना जाता है, के साथ मंच पर एक पूर्व अपराधी की तस्वीर लगाए जाने को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय स्तर पर इस पर असहमति और चर्चा शुरू हो गई है।
विधायक ने किए व्यक्तिगत संबंधों के दावे
विधायक प्रीतम लोधी ने आगे कहा कि वह रामबाबू गड़रिया के जीवन से जुड़ी कई घटनाओं के गवाह रहे हैं और उनसे जेल तथा जंगल दोनों जगह मुलाकात भी कर चुके हैं। उनके अनुसार, यह व्यक्ति हालात का शिकार था और अगर परिस्थितियां अलग होतीं तो वह अपराध के रास्ते पर नहीं जाता।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति
इस मामले पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। स्थानीय कांग्रेस अध्यक्ष साहब सिंह कुशवाह ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि एक पूजनीय ऐतिहासिक व्यक्तित्व के साथ किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को मंच पर सम्मान देना गलत संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को प्रेरणा देने के लिए होते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं गलत संदेश फैलाती हैं और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।