देहरादून। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व आज पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। त्याग और कुर्बानी के इस पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला। बुधवार को बाजारों में दिनभर खरीदारी का सिलसिला जारी रहा, जहां लोग बकरों की खरीद से लेकर कपड़े, सेवइयां और इत्र तक की खरीदारी में जुटे रहे।

शहर के पलटन बाजार, धामावाला और चकराता रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में देर रात तक रौनक बनी रही। वहीं, आज सुबह से विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में अलग-अलग समय पर ईद की नमाज अदा की जा रही है। मुख्य नमाज चकराता रोड स्थित ऐतिहासिक ईदगाह में हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में पढ़ी जा रही है।

शहर काजी मुफ्ती हसीम अहमद कासमी ने लोगों से अपील की कि ईद की नमाज और कुर्बानी पूरी तरह शरीयत, कानून और साफ-सफाई के नियमों का पालन करते हुए की जाए। उन्होंने विशेष रूप से कुर्बानी के बाद स्वच्छता बनाए रखने और अवशेषों को खुले स्थानों पर न फेंकने की हिदायत दी।

अलग-अलग स्थानों पर नमाज का समय

देहरादून में ईद की नमाज विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में निर्धारित समय पर अदा की जा रही है, जिसमें चकराता रोड ईदगाह, सुभाष नगर, माजरा, धामावाला, पल्टन बाजार और अन्य प्रमुख स्थल शामिल हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शहर पांच जोन में बांटा

ईद पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए देहरादून पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे शहर को 5 जोन, 11 सेक्टर और 35 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर जोन और सेक्टर में अलग-अलग स्तर के पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।

संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है। खुले में कुर्बानी और अवशेषों के खुले परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।

पुलिस ने त्योहार से पहले विभिन्न समुदायों के गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर शांति और भाईचारे की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलने से रोका जा सके।

आईजी गढ़वाल के निर्देश सख्त

आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं होगी और सभी आयोजन पूर्व निर्धारित नियमों और एसओपी के अनुसार ही संपन्न कराए जाएंगे।