फसलों की बुवाई के पहले धरती को अपनी मां मानने वाले किसानों ने सबसे पहले धरती माता की पूजा अर्चना कर उन्हें पूजन सामग्री अर्पित कर यह फसल अच्छी हो जाए, इसकी कामना की। सारोला क्षेत्र के किसान अशोक प्रजापत ने बताया कि बारिश शुरू होते ही खेतों बोवनी का कार्य शुरू कर दिया गया है।

किसान ने बताया कि किसानों ने बोवनी के पहले अच्छी फसल के लिए खेतों को भू-देवी मानकर पूजन पाठ कर बोवनी की शुरुआत करते हुए खेत की धरती पर लाल कपड़े में श्रृंगार और चढ़ावा रखकर भगवान से अच्छी फसल की कामना की है।

वहीं, ग्राम रातड़िया के किसान प्रेम चौधरी ने बताया कि किसानों द्वारा अच्छी फसल के लिए खेतों को भू-देवी मानकर पूजन किया जाता है और कृषि यंत्रों की भी पूजा की जाती है। इसके बाद ही बोवनी शुरू होती है। वर्षा ऋतु में सोयाबीन, मक्का, मूंग और ज्वार की फसल मालवा क्षेत्र में बोई जाती है।