बालाघाट। जिले में देर रात एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक चलती कार अचानक दुर्घटनाग्रस्त होकर आग की लपटों में घिर गई। इस हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। राहत की बात यह रही कि कार में मौजूद 8 साल की बच्ची सुरक्षित बच गई।

हादसा कैसे हुआ

यह हादसा बीती रात लगभग साढ़े 11 बजे बैहर-मलाजखंड रोड पर, केवलारी चौराहे के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, एक आल्टो कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई और उसमें आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

राहगीरों ने दिखाई हिम्मत

मौके पर मौजूद लोगों ने कार का शीशा तोड़कर तीन लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। दो लोग गंभीर रूप से झुलस चुके थे, जबकि आग की तीव्रता के कारण तीन अन्य को बाहर नहीं निकाला जा सका और वे जिंदा जलकर मौत के शिकार हो गए। 8 साल की बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

परिवार के साथ लौट रहा था चालक

हादसे में कार चला रहे सीतम केलकर अपने गांव पोंडी (परसवाड़ा) से पौनी लौट रहे थे। सीतम के पास पौनी में वेल्डिंग की दुकान है। वे तीन दिन पहले अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव गए थे और रात में माता-पिता के घर से लौट रहे थे। कार में पड़ोस की 8 साल की बच्ची भी सवार थी, जो अपने घर पौनी जा रही थी।

नींद की झपकी बन गई हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा चालक की नींद की झपकी के कारण हुआ। मोड़ के बाद कार सड़क से नीचे उतर गई और दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

मृतकों और घायलों की पहचान

राहगीरों ने पूर्वी राहांगडाले (8 वर्ष) को खिड़की से बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलसे सीतम केलकर (30 वर्ष) और उनकी मां नानाबाई केलकर (60 वर्ष) को भी बाहर निकाला गया। लेकिन पिता नगारची केलकर (65 वर्ष), पत्नी सविता केलकर (28 वर्ष) और पुत्र अभि केलकर (3 वर्ष) को आग की लपटों से बचाया नहीं जा सका।

पुलिस और दमकल मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि दमकल ने आग पर काबू पाया। बैहर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।