मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में एक युवक सुबह मैदान में दौड़ रहा था, इस दौरान उसे हार्ट अटैक आ गया और उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, युवक का नाम सावन विश्वकर्मा था, वह दशहरे की छुट्टियों में अपने घर आया था और दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था।

ग्राउंड के लगाए थे तीन चक्कर 
परिजनों बताया कि सुबह जल्दी उठकर दौड़ लगाने जाना उसका डेली का रूटीन था। रोज की तरह गुरुवार को भी सुबह दोस्तों के साथ दौड़ लगाने गया था और उसने ग्राउंड के तीन चक्कर लगाए थे। इसी दौरान अचानक वह गश खाकर गिर गया। दोस्त उसे परासिया अस्पताल लेकर गए और परिजनों को सूचना दी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने बताया कि वह आईएएस बनना चाहता था, परिवार में काफी होशियार था, उसके दो बड़े भाई और एक बहन हैं। सावन ने भोपाल से मैकेनिकल ब्रांच से बीटेक किया था। पिछले एक साल से वह दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। उसका अफसर बनने का सपना अधूरा रह गया।

युवाओं में हार्ट अटैक के कई कारण
डॉक्टर बसंत शर्मा कार्डियोलॉजिस्ट एमडी का कहना है कि आमतौर पर ऐसी घटनाएं कम देखने में आती हैं। ऐसी घटना की वजह स्पष्ट तौर पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आती है। इसके पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कई बार अधिक शारीरिक श्रम की वजह से सीवियर हार्ट अटैक का शिकार हो जाता है, जिसमें व्यक्ति की मौत हो जाती है।

पारा गिरने पर बढ़ेंगे हार्ट अटैक के मामले
जम्मू-कश्मीर में अक्तूबर माह के शुरू होने के साथ ही सर्दी बढ़ने की आशंका है। जिससे पारा गिरने पर प्रदेश में हार्ट अटैक के मामले भी बढ़ने लगते हैं। कड़ाके की ठंड में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। सामान्य से ज्यादा खानपान शरीर में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ाता है, जो खून की सप्लाई को बाधित करता है। शरीर में खून में कंपोनेंट के आपस में जुड़ने से हार्ट अटैक की आशंका रहती है। मोटापा, तनाव, हाईपरटेंशन और अधिक मधुमेह भी दिल के लिए खतरे का कारण बन सकता है।