मुंबई: बीएमसी चुनाव के दौरान मतदान जारी है, लेकिन विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मतदान में इस्तेमाल हो रही स्याही पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि पुराने पेन की जगह नए पेन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे मतदाता असुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि यदि कोई मतदाता हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल करता है तो स्याही मिट सकती है। इसका नतीजा यह हो सकता है कि कोई व्यक्ति दोबारा मतदान के लिए लौट आए। उन्होंने इसे सत्ता में बने रहने के लिए की जा रही "धांधली" करार दिया और जनता से सतर्क रहने की अपील की। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि एक व्यक्ति को दोबारा वोट डालते हुए पकड़ा गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या का प्रयास बताया और राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमरे के इस्तीफे की मांग की। उद्धव ने राज्य निर्वाचन आयोग को संविधान विरोधी निकाय बताते हुए चुनाव आयोग और सरकार के बीच कथित सांठ-गांठ पर सवाल उठाए।

बीएमसी ने इन आरोपों को खारिज किया है। कमिश्नर भूषण गगरानी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पोलिंग स्टाफ मतदाताओं की ऊंगली पर गैर-मिटने वाली स्याही लगाते हैं, जो बाएं हाथ की ऊंगली पर लगाई जाती है। बीएमसी में कुल 10,231 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है, जिसमें 64,375 अधिकारी और कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया में शामिल हैं।

धांधली के आरोप एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने भी लगाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और बूथ वितरण में गड़बड़ी की गई है, जिससे मतदाता अपने बूथ पर वोट नहीं डाल पा रहे। उन्होंने ईवीएम मशीनों के अनुक्रम और समय में भी असंगतियां होने की बात कही।

इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गणेश नाइक ने बताया कि उनके नाम मतदाता सूची से गायब थे। उनके परिवार के वोट भी तीन अलग-अलग केंद्रों पर वितरित किए गए थे। नाइक ने इस मामले की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग पर डाली।