महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सत्ताधारी शिवसेना से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर तरह-तरह की अटकलें सामने आ रही हैं, हालांकि विपक्षी दलों ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया है। हाल के दिनों में यह चर्चा जोरों पर रही कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कुछ नेता एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। इस कथित राजनीतिक गतिविधि को “ऑपरेशन टाइगर” नाम दिया जा रहा है।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि राज्य में किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की कोई वास्तविक संभावना नहीं है और यह सभी बातें केवल अफवाहों पर आधारित हैं।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष में, जिसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके सहयोगी शामिल हैं, कहीं न कहीं असहजता का माहौल देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधायकों और सांसदों की आपसी मुलाकातों को राजनीतिक बदलाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि विकास कार्यों के सिलसिले में इस तरह की मुलाकातें सामान्य प्रक्रिया हैं। उन्होंने किसी भी तरह के बड़े राजनीतिक उलटफेर की संभावना से इनकार किया।

वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने “ऑपरेशन टाइगर” जैसी किसी भी योजना के अस्तित्व को खारिज करते हुए इसे महज अटकल बताया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट के सभी सांसद एकजुट हैं और अपने नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनके अनुसार, इस तरह की चर्चाओं में कोई वास्तविक आधार नहीं है और आने वाले समय में किसी बड़े राजनीतिक विभाजन की संभावना नहीं दिखती।

उधर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इन सभी रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी खबरें केवल राजनीतिक माहौल को गर्म करने और भ्रम पैदा करने के लिए फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना पूरी तरह संगठित है और किसी भी तरह के दावे सच्चाई से दूर हैं।