नीति आयोग की ओर से जारी ‘निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024’ में उत्तर प्रदेश ने मजबूत प्रदर्शन दिखाते हुए देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में चौथा स्थान हासिल किया है। यह सूचकांक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की निर्यात क्षमता का मूल्यांकन करने और उनके बीच प्रतिस्पर्धात्मक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बड़े राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र पहले (68.01 स्कोर), तमिलनाडु दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर रहे। उत्तर प्रदेश ने चौथा स्थान पाया, जबकि आंध्र प्रदेश पांचवें स्थान पर रहा। ईपीआई 2024 में वित्त वर्ष 2022 से 2024 तक के निर्यात प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है। सूचकांक के आधार पर राज्यों को ‘लीडर्स’, ‘चैलेंजर्स’ और ‘एस्पिरेंट्स’ जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में उत्तराखंड ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि जम्मू-कश्मीर दूसरे और नागालैंड तीसरे स्थान पर रहे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह रैंकिंग पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों से परे अन्य क्षेत्रों में निर्यात तैयारी की प्रगति को दर्शाती है।
ईपीआई 2024 का मूल्यांकन 70 मापदंडों पर आधारित है और चार मुख्य स्तंभों—निर्यात बुनियादी ढांचा, नीति एवं शासन, औद्योगिक एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, और निर्यात प्रदर्शन—के तहत किया गया। इस बार रिपोर्ट में पांच नए आयाम जोड़े गए हैं, जिनमें लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई, मानव पूंजी, लागत और वित्त तक पहुंच शामिल हैं, ताकि वैश्विक व्यापार परिवेश के अनुरूप सूचकांक प्रासंगिक बना रहे।
नीति आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह सूचकांक केवल रैंकिंग का साधन नहीं है, बल्कि यह नीति निर्माण और सुधार का मार्गदर्शक भी है। इससे राज्यों को अपनी कमजोरियों की पहचान करने, बेहतर संस्थागत तंत्र विकसित करने और केंद्र-राज्य समन्वय बढ़ाने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के अनुसार, इन सुधारों से एमएसएमई की वैश्विक व्यापार में भागीदारी बढ़ेगी और भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने में मदद मिलेगी।