नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और दक्षिण कोरिया के बीच तेजी से मजबूत हो रहे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि दोनों देश अब “चिप्स से शिप्स” तक अपने सहयोग को विस्तार दे रहे हैं। उनका यह बयान दोनों देशों के बीच हुए कई अहम समझौतों (MoUs) के बाद सामने आया, जिनका संबंध तकनीक, रक्षा, व्यापार और समुद्री सहयोग जैसे क्षेत्रों से है।
साझेदारी नए दौर में प्रवेश कर रही है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्ते अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, ग्रीन टेक्नोलॉजी और शिपबिल्डिंग जैसे उन्नत क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस साझेदारी को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा
दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में शामिल हैं:
- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण
- रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में साझेदारी
- हरित ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त प्रयास
- जहाज निर्माण और समुद्री सुरक्षा
- स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा
व्यापार और निवेश पर जोर
दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य तय किया है। भारत को दक्षिण कोरिया के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देखा जा रहा है, जबकि दक्षिण कोरियाई कंपनियां भारत में अपने निवेश को बढ़ाने में गहरी रुचि दिखा रही हैं।
कुल मिलाकर, यह साझेदारी दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।