नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मुदावथ देवुला और एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि भरत माथुर को तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। दोनों को रविवार को अदालत में पेश किया गया था, जहां सीबीआई ने विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

क्या है पूरा मामला

सीबीआई के अनुसार, यह मामला 18 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था। जांच में आरोप सामने आया है कि डीजीसीए अधिकारी पर लंबित फाइलों, लाइसेंस और मंजूरियों को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। बताया गया कि यह अवैध लेन-देन एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से किया जा रहा था।

ट्रैप ऑपरेशन में गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया और दोनों आरोपियों को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से 2.5 लाख रुपये की राशि बरामद की गई।

सीबीआई का कहना है कि यह रकम एक लंबित आवेदन को आगे बढ़ाने के बदले ली जा रही थी।

कई ठिकानों पर छापेमारी

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दिल्ली में आरोपियों से जुड़े चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 37 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के सिक्के, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।

एजेंसी अब जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वतखोरी का नेटवर्क कितना व्यापक है और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।

अन्य कार्रवाई भी जारी

इसी बीच सीबीआई ने एक अन्य मामले में डाक विभाग के डाक अधीक्षक को भी गिरफ्तार किया है, जिस पर शिकायतकर्ताओं से अवैध रूप से पैसे मांगने का आरोप है।

आगे की जांच

सीबीआई अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कथित भ्रष्टाचार कब से चल रहा था, इसमें किन लोगों को लाभ मिला और क्या डीजीसीए के अन्य अधिकारी भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे।