बगहा अनुमंडलीय अस्पताल एक बार फिर इलाज व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। सोमवार को सड़क हादसे में घायल दो लोगों को अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि यहां इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। बताया जा रहा है कि घायलों को टांके लगाने का काम एक गार्ड ने किया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सड़क हादसे में दो लोग घायल

जानकारी के अनुसार, बगहा–बेतिया मुख्य मार्ग (NH-727) पर शास्त्री नगर स्थित रूबी गैस एजेंसी के पास टेंपो और पिकअप के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे चालक समेत दो लोग घायल हो गए। वहीं टेंपो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।

स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप

अस्पताल में चिकित्सक डॉ. रामप्रवेश भारती की देखरेख में दोनों घायलों का माइनर ओटी में प्राथमिक उपचार किया गया। इलाज के बाद एक घायल की स्थिति सामान्य बताई गई, जबकि दूसरे घायल सुरेंद्र पासी की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें रेफर किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

गार्ड द्वारा टांके लगाने का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि अस्पताल में इलाज के दौरान एक गार्ड द्वारा घायलों के टांके लगाए गए। इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की स्थिति सामने आई हो। आरोप है कि कई बार गार्ड ही मरीजों को इंजेक्शन लगाने और टांके लगाने जैसे काम करते देखे गए हैं, जबकि डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति पर भी सवाल उठते रहे हैं।

घायलों की पहचान और बयान

घायलों की पहचान उत्तर प्रदेश के जटहां थाना क्षेत्र अंतर्गत जटहां भैरोगंज बाजार निवासी पिकअप चालक वसीम अख्तर और सुरेंद्र पासी के रूप में हुई है। वसीम अख्तर ने बताया कि वे मिट्टी का सामान लेने बगहा जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार टेंपो अचानक सामने आ गया, जिससे हादसा हो गया।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन मौजूद होने के बावजूद उसका उपयोग न होने पर भी लोगों ने नाराजगी जताई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ गया है और सुधार की मांग उठ रही है।

प्रशासन का पक्ष

इस मामले पर अस्पताल के प्रभारी उपाध्यक्ष डॉ. ए.के. तिवारी ने कहा कि एक साथ कई मरीज आने के कारण स्थिति संभालने में दिक्कत हुई। उन्होंने बताया कि गार्ड को स्थिति की जानकारी थी, इसलिए उसकी मदद ली गई। साथ ही उन्होंने कहा कि डॉ. रामप्रवेश भारती आयुष चिकित्सक हैं और आपात स्थिति में उनसे सहयोग लिया जाता है।