शिवसेना (यूबीटी) में कथित टूट और सांसदों के पाला बदलने की अटकलों के बीच पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में सांसदों की खरीद-फरोख्त की जा रही है और इसके पीछे राजनीतिक दबाव व लालच की रणनीति काम कर रही है।

राउत ने कहा कि जो भी पार्टी छोड़ना चाहता है, वह पहले अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि संगठन के साथ विश्वासघात करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके मुताबिक शिवसेना कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे पार्टी स्वीकार नहीं करेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि “ऑपरेशन टाइगर” के नाम पर सांसदों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है और हर सांसद को 15-15 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई है। राउत ने कहा कि कुछ सांसद अलग-अलग स्थानों से चार्टर विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बनाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि आगामी संसदीय दल की बैठक को लेकर व्हिप जारी कर दिया गया है। इस बैठक में पार्टी अपनी आगे की रणनीति तय करेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद सावंत और अनिल देसाई भी मौजूद रहे।

राउत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रूप से शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पार्टी एकजुट है और संगठनात्मक ढांचे में किसी तरह की दरार नहीं है।