चंडीगढ़ – पंजाब की सियासत में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक अरविंद खन्ना अब शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में शामिल हो गए हैं। यह औपचारिक शामिलगी महाशिवरात्रि के दिन हुई, जब शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल खुद संगरूर स्थित अरविंद खन्ना के आवास पर पहुंचे और उन्हें पार्टी में शामिल कराया।
अरविंद खन्ना की राजनीतिक यात्रा
अरविंद खन्ना ने भाजपा में जनवरी 2022 में प्रवेश किया था। इससे पहले वे लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के महासचिव और कोषाध्यक्ष के पद पर भी रहे। खन्ना संगरूर और धूरी विधानसभा क्षेत्रों से विधायक रह चुके हैं और 2004 में कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़े थे। हालांकि उस चुनाव में वे अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींडसा से लगभग 27 हजार मतों से हार गए थे।
समाज सेवा में योगदान
राजनीति के अलावा अरविंद खन्ना समाजसेवी संस्थान उम्मीद फाउंडेशन के माध्यम से मुफ्त मेडिकल सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी जाने जाते हैं। उनका यह योगदान उन्हें क्षेत्र में काफी लोकप्रिय बनाता है।
भाजपा से शिअद में आए बदलाव का प्रभाव
खन्ना भाजपा पंजाब की कोर समिति और वित्त समिति के सदस्य थे। उनकी शिअद में शामिलगी से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है, खासकर उस समय जब भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें चल रही थीं।
विश्लेषकों का कहना है कि अरविंद खन्ना का शिअद में शामिल होना पार्टी को संगरूर और आसपास के क्षेत्रों में मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।