लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वितरित करने के अवसर पर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में होमगार्ड की 45 हजार पदों की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में आपदा मित्र की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन होमगार्ड के रूप में शामिल होने पर उन्हें सरकार की ओर से मानदेय भी मिलेगा। प्रदेश में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अब तक 19 हजार आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया है। इसके अलावा स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।

सीएम ने कहा कि आपदा मित्र को फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में काम करने का अधिकार होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रबंधन में युवाओं को शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, और उत्तर प्रदेश ने इस पहल को आगे बढ़ाया है। प्रदेश के 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस और भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा प्रबंधन कार्यक्रमों में शामिल किया गया है।

इन प्रशिक्षित युवाओं को सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट, आपदा मित्र प्रशिक्षण मॉड्यूल, आईडी कार्ड और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। किट में लाइफ जैकेट, फर्स्ट-एड बॉक्स, हेलमेट, सुरक्षा चश्मा और सर्च टॉर्च समेत 15 आवश्यक उपकरण शामिल हैं।

इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित आपदा मित्रों के लिए तीन साल का जीवन और चिकित्सा बीमा भी लागू किया है। दस फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया, जिसके तहत प्रत्येक आपदा मित्र को तीन साल के लिए पांच लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा।