कानपुर। जेल में बंद कोडीनयुक्त सिरप गिरोह के सरगना विनोद अग्रवाल, उनकी पत्नी सविता और बेटे शिवम की कुल 5 संपत्तियां और बैंक खाते में जमा धनराशि एसआइटी ने फ्रीज कर दी है। इन संपत्तियों और खातों की कुल कीमत लगभग 9.50 करोड़ रुपये मानी जा रही है।
संपत्तियों और वाहन पर कार्रवाई
एसआइटी ने इन संपत्तियों के साथ 23 लाख रुपये कीमत की इनोवा क्रिस्टा कार और परिवार के छह बैंक खातों में जमा 42 लाख रुपये भी फ्रीज किए हैं। उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को वाराणसी पुलिस ने भी इन पांच संपत्तियों को फ्रीज किया था, जिनकी कीमत उस समय 4.80 करोड़ रुपये दिखाई गई थी।
एसआइटी का बयान
एसआइटी इंस्पेक्टर कमलापति यादव ने बताया कि सर्किल रेट के अनुसार बाजार मूल्य का लगभग दोगुना मूल्यांकन किया गया है, इसलिए संपत्तियों की कीमतें बढ़ी दिखाई दे रही हैं। फिलहाल टीम शिवम अग्रवाल की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।
गिरोह और चोरी की स्थिति
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि औषधि की आड़ में यह गिरोह एनडीपीएस श्रेणी की कोडीनयुक्त सिरप और नशीली दवाइयां खरीद-बिक्री करता था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने छापेमारी के दौरान 1 लाख शीशियां बरामद की थीं। जांच में पता चला कि लगभग 20 लाख शीशियां बिक्री के लिए भेजी गई थीं, जिसमें से 11.50 लाख शीशियां पुलिस बरामद कर चुकी है।
गिरफ्तारी और जांच का दायरा
गिरोह का सरगना विनोद अग्रवाल, फीलखाना के पटकापुर का निवासी, 25 जनवरी को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल से गिरफ्तार हुआ था और 26 जनवरी को जेल भेजा गया। वह पिछले दो सालों में यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की आठ फर्मों से माल खरीद चुका है।
फ्रीज की गई संपत्तियां
विनोद अग्रवाल के नाम: गोपाल विहार (दो प्लाट), जाजमऊ एमराल्ड गुलिस्तां में एक संपत्ति
सविता अग्रवाल के नाम: बिरहाना रोड पर भवन
शिवम के नाम: दहेली सुजानपुर, रामपुर में एक प्लाट
फरार सदस्य की तलाश
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि शिवम अग्रवाल अभी भी फरार है। उसकी तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की योजना है।