आगरा के बरहन थाना क्षेत्र में एक युवक की गलती से हत्या कर दी गई, जब हत्यारे अपनी निशाना बनाने की योजना में चूक गए। मृतक पुनीत सिसोदिया का शव 19 दिसंबर को सड़क किनारे खून से लथपथ पड़ा मिला। शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी।
सीसीटीवी ने खोली हत्या की परतें
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि पुनीत बाइक से जा रहा था और आसपास कोई अन्य वाहन गुजरता नहीं दिखा। इसके बाद शक के आधार पर पुलिस ने भानु प्रताप से पूछताछ की, जिससे हत्याकांड का राज खुल गया।
गलती से हुआ शिकार
भानु प्रताप ने पूछताछ में बताया कि उसकी असली निशाना मुकेश चौहान था, जो उसकी शादीशुदा बेटी को परेशान कर रहा था और फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा था। बेटी की शादी को दो साल ही हुए थे और मुकेश की हरकतों से उसका घर टूटने की कगार पर था। इसी वजह से भानु ने मुकेश की हत्या की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, भानु प्रताप, उसका बेटा अनुज धाकरे और दो कर्मचारी—मोहित और अनिरुद्ध—मिलकर हत्या को अंजाम देने निकले। उन्होंने पहले मुकेश की रैकी की। 19 दिसंबर को मुकेश की बाइक पर ममेरा भाई पुनीत कैफे से निकला। सर्दी के कारण पुनीत ने स्वाफी बांध रखा था, जिससे आरोपियों ने उसे मुकेश समझ लिया।
बीच रास्ते में हमला
आरोपियों ने बीच रास्ते में पुनीत को रोककर लाठी-डंडों से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल पुनीत की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। अगले दिन शव सड़क किनारे पड़ा मिला।
पुलिस ने मृतक मुकेश की तहरीर के आधार पर प्रारंभिक तौर पर हादसे का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह हत्या का मामला साबित हुआ। बरहन पुलिस ने भानु प्रताप, उसके बेटे और दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।