विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि विधायिका में जनता की सशक्त आवाज उठाने के लिए विपक्ष महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक है कि विधायिका का अधिक से अधिक दिनों तक संचालन हो और विपक्ष को अधिक से अधिक माध्यम से अपनी बात कहने का अधिक से अधिक मौका मिले।
विधानमंडल की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक भेदभाव दूर नहीं होगा तब तक किसी भी आजादी का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि आज भी कितने भी ऊंचे पद पर जाएं लेकिन ऐसा नहीं है कि वह किसी भेदभाव का शिकार नहीं हुआ। बिना बराबरी के आजादी बेमानी है। विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सपा सरकार के दौरान विधानमंडल के आधुनिकीकरण के कार्य किए गए।