सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के समय जहां भाजपा की सरकार नहीं होती, वहां के डीजीपी, मुख्य सचिव और अन्य अधिकारी हटा दिए जाते हैं। वहीं, जिन राज्यों में भाजपा की सरकार रहती है, वहां किसी अधिकारी को हटाया नहीं जाता।
अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिन अधिकारियों के परिवार के लोग चुनाव लड़ रहे थे, उन्हें भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अयोध्या उपचुनाव के दौरान जिन अधिकारियों ने समाजवादी पार्टी की हार सुनिश्चित की थी, उनकी लिस्ट उनके पास थी, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने भाजपा पर अफवाह फैलाने और लोगों को मूल सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया।
पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित सवाल
अखिलेश यादव ने पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल विवादित सवाल का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर इस तरह की कार्रवाइयां करती है और दूसरों को बदनाम करती है। उनका कहना था कि भाजपा के पास ऐसी एक टीम है, जिसे पैसा देकर समाज में अलग-अलग वर्गों के खिलाफ अफवाहें फैलाने का काम कराया जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी समाज को इस तरह बदनाम किया जा सकता है, और यह पहली बार नहीं हुआ है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य को भी अपमानित किया और कई बार ऐसा किया है, जो न केवल गलत है बल्कि समाज में असंतोष भी पैदा करता है।