अलीगढ़। एएमयू के एबीके बॉयज स्कूल में तैनात कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य अभियुक्त अब भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या पुरानी रंजिश और बदले की भावना में की गई थी।
पुलिस के अनुसार अमीर निशा गोस्त वाली गली स्थित बीबी बिल्डिंग निवासी सलमान पुत्र मुतीक कुरैशी को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ के दौरान सलमान ने बताया कि वर्ष 2018 में साबेज पुत्र अजमत की हत्या हुई थी, उस मामले में उसके कुछ साथी जेल भेजे गए थे। सलमान और उसके साथियों को शक था कि उस समय एएमयू शिक्षक राव दानिश ने पुलिस को सूचना दी थी। इसी संदेह के चलते उन्होंने हत्या की साजिश रची।
पहले बनाई योजना, फिर दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में सामने आया कि सलमान ने अपने साथियों फहाद और यासिर उर्फ यासर के साथ मिलकर राव दानिश की हत्या की योजना बनाई। 23 दिसंबर को सलमान ने दोनों को अलीगढ़ बुलाया, जो पहले से पिस्टल लेकर आए थे। उन्हें अपने फ्लैट में ठहराया गया।
अगले दिन 24 दिसंबर को सलमान ने अपनी कार से दोनों आरोपियों को मेडिकल रोड तक छोड़ा। इसके बाद फहाद और यासिर स्कूटी से एएमयू कैंटीन के पास पहुंचे, जहां उन्होंने राव दानिश को गोली मार दी। वारदात के बाद दोनों आरोपी स्कूटी से पुरानी चुंगी पुल तक पहुंचे, जहां सलमान पहले से मौजूद था। वहां से फहाद को कार में बैठा लिया गया, जबकि यासिर स्कूटी से गभाना टोल की ओर निकल गया। बाद में स्कूटी को सड़क किनारे खाई में फेंक दिया गया। इसके बाद तीनों आरोपी कार से ओखला, दिल्ली फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि सलमान का एक अन्य साथी जुबैर, जो आपराधिक प्रवृत्ति का बताया जा रहा है, भी इस घटना से जुड़ा हो सकता है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
घटना का विवरण
राव दानिश अली (45) की 24 दिसंबर की देर शाम एएमयू परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय हुई, जब वे लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में अपने दो साथियों के साथ टहल रहे थे। रात करीब 8:45 बजे स्कूटी पर सवार दो नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे और पीछे से उनके सिर पर गोली मार दी।
मूल रूप से डिबाई क्षेत्र के निवासी राव दानिश अली का परिवार लंबे समय से अमीर निशा क्षेत्र में रह रहा है। उनके पिता एएमयू में कर्मचारी रहे थे, जबकि मां शिक्षिका थीं। एएमयू से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एबीके बॉयज स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक की नौकरी मिली थी। उनके ससुर फिजा उल्लाह चौधरी मुरादाबाद की कांठ विधानसभा से विधायक रह चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।