नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के हालिया बयान पर सवाल उठाए। लीविट ने कहा था कि अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी क्योंकि भारत “एक अच्छा पक्षकार” रहा है। कांग्रेस ने इस पर चुप्पी बनाए रखने के लिए मोदी सरकार को निशाने पर लिया और इसे भारत की संप्रभुता और गरिमा के लिए अपमानजनक बताया।

सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि व्हाइट हाउस ने स्पष्ट शब्दों में भारत को “अनुमति दी” और “अच्छा अभिनेता” बताया है। पार्टी ने पूछा कि ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार हमारी संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए क्यों आवाज नहीं उठा रही। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानबूझकर चुप्पी साधे हुए हैं और जनता को यह जानने का हक है कि भारत के निर्णय विदेशों से प्रभावित क्यों हो रहे हैं।

व्हाइट हाउस का बयान
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव लीविट ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके मद्देनजर अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की छूट दी है। लीविट ने कहा कि यह कदम अल्पकालिक है और रूस को इससे कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा। उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही प्रतिबंधित रूसी तेल की खरीद रोक दी थी और अमेरिका ने इसे सहयोग के रूप में देखा।

लीविट की सफाई
लीविट ने कहा, "हमने यह निर्णय राष्ट्रपति, वित्त मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ मिलकर लिया। भारत जैसे सहयोगी देशों ने अच्छा रवैया दिखाया और प्रतिबंधित तेल खरीदना रोक दिया। इसलिए हमने अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति में आई कमी को पूरा किया जा सके।"