गोरखपुर। सरकारी टेंडर और ठेका दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले फर्जी आईएएस गिरोह के एक और सदस्य को गुलरिहा पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र के हरदीडाली गांव निवासी रामनयन गुप्ता के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि उसने ठगी से जुटाए गए पैसों से एक एकड़ से अधिक जमीन अपने नाम रजिस्टर्ड कराई थी। पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

फर्जी आईएएस गिरोह का यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था, जब गोरखपुर जंक्शन पर व्यापारी मुकुंद माधव को लगभग एक करोड़ रुपये के साथ पकड़ा गया था। उनकी शिकायत पर गुलरिहा पुलिस ने केस दर्ज किया और 10 दिसंबर 2025 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

इन गिरफ्तार लोगों में बिहार के सीतामढ़ी जिले के मेहरौल निवासी ललित किशोर, रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा निवासी अभिषेक कुमार और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी परमानंद गुप्ता शामिल थे। पुलिस जांच में सामने आया कि ललित किशोर खुद को गौरव कुमार नाम से फर्जी आईएएस अधिकारी बताता था, जबकि उसका साला अभिषेक खुद को आईएएस का स्टेनो और परमानंद गनर होने का दावा करता था।

पुलिस ने इनके पास से 4.15 लाख रुपये नकद, करीब 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे। आगे की जांच में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए, जिनमें ललित की पत्नी पूजा सिंह, भागलपुर निवासी वंदना कुमारी, मुंगेर निवासी जितेंद्र कुमार झा, परमानंद की पत्नी संयोगिता और उसके पिता रामनयन गुप्ता शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह ठगी की रकम सीधे किसानों और जमीन मालिकों के खातों में ट्रांसफर करता था, जबकि जमीन की रजिस्ट्री रामनयन गुप्ता के नाम कराई जाती थी। सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि रामनयन को टिकरिया के आगे गिरमिट तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।